Wednesday, May 5, 2010

हिन्‍दुस्‍तानी भाई का ब्‍लागिंग में वर्ल्‍ड रिकार्ड? 5 Posts में Page Rank 2


पिछली पोस्‍ट पर बहुत से ब्‍लागर भाई इस बात के गवाह हैं कि मेरा ब्‍लाग antimawtar.blogspot.com 5 पोस्‍ट में Rank-1 रह चुका है

उस ब्‍लाग पर निरन्‍तर न लिखने के कारण रैंकिंग घटकर 1 हो गयी थी

अब फिर बगेर नयी पोस्‍ट के ही वह Page Rnak-2 हो गया है,

सोचा कहीं यह फिर Rank-1 हो जाये तो इसका चित्र सुरक्षित कर लूं, साथ ही ब्‍लागर भाईयों बहनों से मालूम करना चाहता था कि

है कोई ऐसा रिकार्ड धारी ब्‍लाग जो 5 पोस्‍ट में Rank-2 हो

और क्‍या इसे वर्ल्‍ड रिकार्ड बताना उचित है?

वैसे आप या भी जान लें चिटठाजगत और ब्‍लॉगवाणी Page Rank-4 है और हमारी उर्दू वेब www.urdustan.com की रैंकिंग आजकल Page Rank-5 है जिससे में छुट्टी लेके अ‍पने हिन्‍दी भाषियों में आया, लेकिन लगता है अब कभी उर्दू की तरफ न जा पाऊँ इधर बहुत मजा आ रहा है,
Rank - 2 Blog: अन्तिम अवतार


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आशिष खंडेलवाल जी पेज रैंक बारे में लिखते हैं ''सामान्य तौर पर 4 या उससे ऊपर की पेजरैंक अच्छी मानी जाती है।''
''ब्लॉग रैंकिंग का कौनसा सिस्टम क्या कहता है..''



2012

Tuesday, May 4, 2010

कैराना में शिक्षा एवं सामाजिक जागरूकता लाने के लिये आयी ब्लागजगत की मशहूर हस्तियां

अकबर खान राणा जी, हमेशा कुछ अच्छा करने की सोचते रहते हैं, करते रहते हैं, ऐसे ही एक सिलसिले की शुरूआत के लिये आप अपने दोस्तों विपिन चौधरी जी, प्रवीण शुक्ला जी और विनोद कुमार पांडेय जी के साथ कैराना आये, खान साहब मेरे कैराना ब्‍लाग और वेबसाइट के कारण पहले से परिचित थे, बकोल उनके वह मेरे कारण ही इधर आये हैं (धन्‍यवाद), सभी से बहुत सी बातें हुई, घूमना फिरना हुआ और आगे के लिये कुछ प्रोग्राम बने उसी दौरान कुछ अपने मोबाईल से फोटू ले लिये जो प्रस्तुत है, ऐसे महान विचारों के महनती दोस्तों का कैराना आना हमारे लिये बहुत बडी बात है, इसी जज्बे व खुशी में एक दो चित्र दे रहा हूँ , इससे अधिक तो शायद 'सीधी चोट' के प्रवीण शुक्ला जी लिखेंगे!


बायें सेः सलीम अखतर, विनोद जी, अकबर खान, कैरानवी, प्रवीण शुक्‍ला, विपिन चौधरी साहिबा, सुनिल कुमार साहब साथ में रियासत अली 'ताबिश' जी
बायें सेः नाम याद नहीं, विनोद कुमार पांडेय ,विनोद जी, अकबर खान जी, प्रवीण शुक्‍ला, विपिन चौधरी साहिबा, सुनिल कुमार साहब साथ में रियासत अली 'ताबिश' जी


दो धर्मों के प्रतीक पेडों (खजूर और पीपल) को एकसाथ देखकर एक चित्र उनके साथ

Thursday, March 11, 2010

प्रवीण शाह का ब्‍लाग देखना खतरनाक - पाबला जी कहते हैं ब्राऊज़र सुरक्षा के लिए खतरा

नास्तिक न. 3 प्रवीण शाह जी को आज एक कथित वाइरस देने के लिये असली वाइरस से मुझे आधा घण्‍टा जूझना पडा, हुआ यूं कि प्रवीण साहब आज अपनी पोस्‍ट में ईश्‍वर को नकारते हुये दुष्‍ट तक साबित कर रहे हैं , मैं उनको प्रतिक्रिया देना चाहता था परन्‍तु मेरा ओरिजनल एन्‍टी वाइरस साफ्टवेयर McAfee उनका ब्‍लाग बार-बार बन्‍द करके चेतावनी दे रहा था, फिर मैंने अलग अलग ब्राउजर आजमाये, कई प्रकार से कमेंट करने की कोशिश की, आधा घण्‍टे में प्रवीण जो को कमेंटस देने में सफलता मिली, मुझे जो मेसेज मिले उनके स्‍क्रीनशाट लेकर उनको अपने एकमात्र शुभ चिंत्तक श्री बी एस पाबला जी को भेजा, उन्‍हें लिखा
बी एस पाबला जी
आज की हाट हो रही एक पोस्‍ट जब मैं देखता हूं तो वाइरस जैसा दिखता है, मैंने अपने एंटी वाइरस McAfee से लडझगड कर आधा घण्‍टे में इनको कमेंट कर पाया, अलग-अलग ब्राउज़र में अलग बात,
आप स्क्रीनशाटस से समझ कर बतादिजये क्‍या मामला है,
http://praveenshah.blogspot.com/2010/03/blog-post_12.html
आपसे सदैव आशा होती है कि निराश नहीं करेंगे
प्रतीक्षा में

उनका जवाब यह आया
-----प्रवीण का ईमेल नहीं है, उन्हे बता नहीं पाया था
मामला गंभीर तो है, ब्राऊज़र सुरक्षा के लिए खतरा है
यह सब आपकी (मतलब, यूज़र की) निजी जानकारियाँ/ डाटा चुराने, या इंटरनेट आदतों का जायजा लेने के काम आ सकता है।
नहीं होना होगा तो कुछ नहीं होगा, होना होगा तो सब कुछ हो जाएगा-----


ब्‍लागर भाईयों आपसे निवेदन है कि प्रवीण शाह जी को खबरदार करें
और स्‍वयं खबरदार हो जायें
वाइरस पे विश्‍वास न हो ता देखें नास्तिक की निम्‍न पोस्ट जो अभी ब्‍लागवाणी पर हाटलिस्‍ट में नम्‍बर 2 पे है और भुगतें

Thursday, March 4, 2010

चिपलूनकर जी को बधाई (चिटठाजगत टाप 40 में आने पर)

सोचा था ब्‍लागवाणी से पूछूंगा कि मेरे ब्‍लाग islaminhindi.blogspot.com की कमेंटस संख्‍या वह कबसे दिखाने लगेगा (दिखाने लगा) , उसी दौरान चिटठाजगत पर नजर पडी, होता यह है फिर हुआ यह कि चिपलूनकर साहब जब भी टाप 40 से बाहर होते हैं उन्हें chitthajagat.in सम्‍मान देते हुये ऊपर ले आता है, ऐसा कई बार होते देखा सोचा अबकि बार बधाई दे दूं, पर सोचता हूँ बधाई चिटठाजगत का दूं या चिपलूनकर साहब को या दोनों को आप बताईये

Thursday, February 25, 2010

आओ भाई बहनों मुसलमानों को शर्मिन्‍दा कर देने वाले स्‍वामी जी का जानकारी के साथ चित्र देखो JIHAD-BOOK-WRITER-SWAMI

पुस्‍तक '''इस्लामिक आंतकवाद का इतिहास' ' के लेखक स्वामी लक्ष्मी लक्ष्मीशंकराचार्य जी पुस्‍तक बारे में में कल 'हमारी अन्‍जुमन' पर जानकारी डाली गयी थी, कि आपने इस किताब का स्‍वयं ही रद करके पुस्‍तक 'इस्लाम आतंक? या आदर्श ' में कुरआन में लिखीं जिहादी 24 आयतों को विस्‍तार से समझाया है कि इनमें अच्‍छा ही अच्‍छा है बुरा कुछ भी नहीं, सोचा यह जानकारी हिन्‍दू-मुस्लिम प्‍यार बढाने वाली है क्‍यूं ने इसमें कुछ बढोतरी करके पेश किया जाये जिससे वह भी देख सकें जो कल नहीं देख सके थे, मेरी नजर में तो मुसलमानों को आपने शर्मिन्‍दा कर दिया जो काम उनको करना था वह स्‍वामी जी न कर दिखाया, मैं अल्‍लाह से दुआ करता हूं अल्‍लाह इस नेक काम का उनको बदला दे, आमीन
........


लेखक-स्वामी लक्ष्मीशंकराचार्य
laxmishankaracharya@yahoo.in
ए-१६०१,आवास विकास कॉलोनी,हंसपुरम,नौबस्ता,कानपुर-२०८०२१

इस्लाम आतंक? या आदर्श- यह पुस्तक का नाम है जो कानपुर के स्वामी लक्ष्मीशंकराचार्य जी ने लिखी है। इस पुस्तक में स्वामी लक्ष्मी शंकराचार्य ने इस्लाम के अपने अध्ययन को बखूबी पेश किया है।

स्वामी लक्ष्मी शंकराचार्य के साथ दिलचस्प वाकिया जुड़ा हुआ है। वे अपनी इस पुस्तक की भूमिका में लिखते हैं-
मेरे मन में यह गलत धारणा बन गई थी कि इतिहास में हिन्दु राजाओं और मुस्लिम बादशाहों के बीच जंग में हुई मारकाट तथा आज के दंगों और आतंकवाद का कारण इस्लाम है। मेरा दिमाग भ्रमित हो चुका था। इस भ्रमित दिमाग से हर आतंकवादी घटना मुझ इस्लाम से जुड़ती दिखाई देने लगी।
इस्लाम,इतिहास और आज की घटनाओं को जोड़ते हुए मैंने एक पुस्तक लिख डाली-'इस्लामिक आंतकवाद का इतिहास' जिसका अंग्रेजी में भी अनुवाद हुआ।

पुस्तक में स्वामी लक्ष्मीशंकराचार्य आगे लिखते हैं-

जब दुबारा से मैंने सबसे पहले मुहम्मद साहब की जीवनी पढ़ी। जीवनी पढऩे के बाद इसी नजरिए से जब मन की शुद्धता के साथ कुरआन मजीद शुरू से अंत तक पढ़ी,तो मुझो कुरआन मजीद के आयतों का सही मतलब और मकसद समझाने में आने लगा।
सत्य सामने आने के बाद मुझ अपनी भूल का अहसास हुआ कि मैं अनजाने में भ्रमित था और इस कारण ही मैंने अपनी उक्त किताब-'इस्लामिक आतंकवाद का इतिहास' में आतंकवाद को इस्लाम से जोड़ा है जिसका मुझो हार्दिक खेद है


==नमूना====
पैम्‍फलेट में लिखी 8 वें क्रम की आयत हैः
''हे 'ईमान' लाने वालो!......और 'काफिरों' को अपना मित्र मत बनाओ, अल्‍लाह से डरते रहो यदि तुम ईमान वाले हो'' सूरा 5, आयत 57
Swami Laxmi Sankaracharya:
यह आयत भी अधूरी दी गई है, आयत के बीच का अंश जान बूझकर छिपाने की शरारत की गई है, पूरी आयत है
'ऐ ईमान लाने वालो! जिन लोगों को तुमसे पहले किताबें दी गई थीं, उन को और काफिरों को जिन्‍होंने तुम्‍हारे धर्म को हंसी और खेल बना रखा है, मित्र न बनाओ और अल्‍लाह से डरते रहो यदि तुम ईमान वाले हो - कुरआन ,पारा6 , सूरा 5, आयत 57
आयत को पढने से साफ है कि काफि़र कुरैश तथा उनके सहयोगी यहूदी और ईसाई जो मुसलमानों के धर्म की हंसी उडाया करते थे, उन को दोस्‍त न बनाने के लिये यह आयत आई, यह लडाई-झगडे के लिये उकसाने वाली या घृणा फैलाने वाली कहां से है ? इसके विपरीत पाठक स्‍वयं देखें कि पैम्‍फलेट में 'जिन्‍होंने तुम्‍हारे धर्म को हंसी और खेल बना रखा है' को जानबूझकर छिपा कर उसका मतलब पूरी तरह बदल देने की साजिश करने वाले क्‍या चाहते हैं

=======

स्वामी लक्ष्मी शंकराचार्य ने अपनी पुस्तक में
मौलाना को लेकर इस तरह के विचार व्यक्त किए हैं-
इस्लाम को नजदीक से ना जानने वाले भ्रमित लोगों को लगता है कि मुस्लिम मौलाना,गैर मुस्लिमों से घृणा करने वाले अत्यन्त कठोर लोग होते हैं। लेकिन बाद में जैसा कि मैंने देखा,जाना और उनके बारे में सुना,उससे मुझो इस सच्चाई का पता चला कि मौलाना कहे जाने वाले मुसलमान व्यवहार में सदाचारी होते हैं,अन्य धर्मों के धर्माचार्यों के लिए अपने मन में सम्मान रखते हैं। साथ ही वह मानवता के प्रति दयालु और सवेंदनशील होते हैं। उनमें सन्तों के सभी गुण मैंने देखे। इस्लाम के यह पण्डित आदर के योग्य हैं जो इस्लाम के सिद्धान्तों और नियमों का कठोरता से पालन करते हैं,गुणों का सम्मान करते हैं। वे अति सभ्य और मृदुभाषी होते हैं।
ऐसे मुस्लिम धर्माचार्यों के लिए भ्रमवश मैंने भी गलत धारणा बना रखी थी।

लक्ष्मीशंकराचार्य अपनी पुस्तक की भूमिका के अंत में लिखते हैं-

मैं अल्लाह से,पैगम्बर मुहम्मद सल्ललल्लाहु अलेह वसल्लम से और सभी मुस्लिम भाइयों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगता हूं तथा अज्ञानता में लिखे व बोले शब्दों को वापस लेता हूं। सभी जनता से मेरी अपील है कि 'इस्लामिक आतंकवाद का इतिहास' पुस्तक में जो लिखा है उसे शून्य समझों।

एक सौ दस पेजों की इस पुस्तक-इस्लाम आतंक? या आदर्श में शंकराचार्य ने खास तौर पर कुरआन की उन चौबीस आयतों का जिक्र किया है जिनके गलत मायने निकालकर इन्हें आतंकवाद से जोड़ा जाता है। उन्होंने इन चौबीस आयतों का अच्छा खुलासा करके यह साबित किया है कि किस साजिश के तहत इन आयतों को हिंसा के रूप में दुष्प्रचारित किया जा रहा है।

उन्होंने किताब में ना केवल इस्लाम से जुड़ी गलतफहमियों दूर करने की बेहतर कोशिश की है बल्कि इस्लाम को अच्छे अंदाज में पेश किया है।


अब तो स्वामी लक्ष्मीशंकराचार्य देश भर में घूम रहे हैं और लोगों की इस्लाम से जुड़ी गलतफहमियां दूर कर इस्लाम की सही तस्वीर लोगों के सामने पेश कर रहे हैं।

साभारः
'हमारी अन्‍जुमन'

Thursday, February 18, 2010

क्‍या यह मेरे पासवर्ड हडपने की साजिश थी? बताओ तो ज़रा

मुझे आज इमेल मिली जो पूरी तरह लगती थी कि गूगल की ओर से भेजी गयी थी, जो लगता है मेरा पासवर्ड हडपने के लिये थी परन्‍तु मैं पाबला जी को पढता रहा हूँ , इस लिये उन्‍हें वह जानकारी दे दी जो वह चाहते थे आप भी जानना चाहो तो चित्र पर क्लिक करो

इमेल इस प्रकार की मिलती है,
Dear Member,
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Thank you for using Gmail !
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GMAIL

इस इमेलmailboxmembers@gmail.com की जानकारी गूगल से लो तो ऐसा पढने को मिलता है
Best answer -
This is definitely not from google. It is fraudulent mail and if you follow the link and enter your password, your account will be stolen.


कोई बताये इस मामले में मैं खता पर हूँ या ठीक किया

Wednesday, February 17, 2010

क्‍या यह ब्‍लागिंग रैंक वर्ल्‍ड रिकार्ड है Rank-1 with only 5 posts

पिछली पोस्‍ट पर एक भाई ने लिखा इस ब्‍लाग पर कुछ डालो पोस्‍ट पुरानी हो गयी,  हालाँकि कल पोस्‍ट "कुरआन का अनुवाद युनिकोड और भावार्थ pdf में उपलब्‍ध quran-in-unicode" लिखी थी, अब फोरन क्‍या लिखूं मैं तो महीने में एक दो पोस्‍ट  कर पाता हूं, खेर मैं  रैंकिंग विषय पर बहुत कुछ लिखना चाहता था. बात को किस्‍तों में रखना मुझे पसंद नहीं परन्‍तु  अब लगता है इस विषय पर तो किस्‍तों में ही लिख पाऊँगा, 

बहुत से ब्‍लागर भाई (अवधिया जी) इस बात के गवाह हैं कि मेरा ब्‍लाग  antimawtar.blogspot.com 
5 पोस्‍ट में Rank-2 रह चुका है इस ब्‍लाग पर निरन्‍तर न लिखने के कारण इसकी रैंक घटकर 1 रह गई, अब सोचा कहीं यह Rank-1 भी न रहे इसका चित्र सुरक्षित कर लूं, साथ ही  ब्‍लागर भाईयों बहनों से मालूम करना चाहता  था कि  क्‍या वह कोई ब्‍लाग जानते हैं जो 5 पोस्‍ट में Rank-1 हो और क्‍या इसे वर्ल्‍ड रिकार्ड बताना उचित है? 



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Sunday, January 31, 2010

आओ भाई बहनों विश्‍व पुस्‍तक मेले में आओ, धर्म की बात होगी world-book-fair- delhi

विश्‍व पुस्‍तक मेला, दिल्‍ली में धार्मिक तुलनात्‍मक अध्‍ययन के जाने माने लेखक श्री सैयद अब्‍दुल्‍लाह तारिक साहब से मिलिये आज (1 फरवरी) सुबह से शाम तक, आप अपने STALL पर मिलेंगे , मेले के शेष दिनों अर्थात 7 फरवरी 2010 तक स्‍टाल पर आपकी पुस्‍तकें उपलब्‍ध रहेंगी
HALL NO. 12A
STALL N. 266

55 year-old Syed Abdullah Tariq runs an Islamic group
based in Rampur, a town in western Uttar Pradesh, that
focuses on dialogue with Hindus. An engineer by
training, he was one of the chief disciples of the
late Maulana Shams Naved Usmani, a noted Islamic
scholar who had also a deep knowledge of the Hindu
scriptures........ More


मुसलमानों को अपने हिन्‍दू भाईयों एवं सनातन धर्म के प्रति अपने द़ष्टिकोण को बदलने पर मजूर कर देने वाली तारिक अब्‍दुल्‍लाह साहब द्वारा प्रस्‍तुत पुस्‍तक ''अगर अब भी न जागे तो'' इस्लाम की ज्‍योति में मूल सनातन धर्म के भीतर झांकाने का सार्थक प्रयास हिन्‍दी प्रेमियों के लिए प्रस्‍तुत है,

English:

Monday, January 11, 2010

कौन है Best? गांधी जी, बुद्घा या मुहम्‍मद सल्‍ल. ? Who is the Best of Men?

अंग्रेज भाई भी नयी-नयी साजिश के साथ हाजिर होते रहते हैं, पहले आठ अजूबों के मामले में बेवकूफ बनाया था अब 10 की लिस्‍ट देकर पूछ रहे हैं Who is the Best of Men? किसी तरह यह जीत गय तो फिर देखिए आने वाली नस्‍लों तक अपनी जीत को कैसे गायेगे, इसलिए मेरा कहना है आप रिस्‍क न लें और अपना वोट दे ही डालें, वोट देने में आपको उलझन हो तो वेबसाइट पर निम्‍न दस के www.bestofmen.org पर प्रोफाइल भी दिए गए हैं,

1. Abraham Lincoln

2. Albert Einstein

3. Buddha

4. Jesus Christ

5. Karl Marx

6. Mahatma Gandhi

7. Martin Luther

8. Muhammad

9. Saint Paul

10. William Shakespeare

"A fantastic research to find whom the people of the world love" - ST News

मुहम्‍मद साहब बारे में महात्मा गांधी और उनके पुत्र दयानिधि श्री देवदास गांधी आदि जैसे महापुरूषों के विचार  जाना चाहे तो देखें

http://islaminhindi.blogspot.com/2009/12/islam-quran-comments-non-muslims.html


for vote

Saturday, January 2, 2010

ब्‍लागवाणी का उमर कैरानवी को अपना झंडा या डंडा देने पर धन्‍यवाद post-testing

होशियार, खबरदार अब हम भी ब्‍लागवाणी परिवार में शामिल हो गये हैं, निरन्‍तर प्रयास और दोस्‍तों की दुआओं से मुझे यह कामयाबी मिली, मैं ब्‍लागवाणी के साथ अपने उन चंद दोस्‍तों का भी शुक्रगुजार हूं जिन्‍होंने मेरा हौसला बनाए रखा, इसी बहाने ब्‍लागजगत ने अपनी देसी कहवातों में एक को सच होते देखा कि 'निरन्‍तर प्रयास से रखो सफलता की आस', शेष फिर कभी