Sunday, August 7, 2016

क़यामत, जन्नत, 72 हूर ,गिलमा, महिलाओं का रिवार्ड पर एक दृष्टि

बेशक जन्नत में सब से प्रियतम और महान नेमत Blessings जो जन्नतवासियों को मिलेगी, वह अल्लाह का दर्शन (दीदार) होगा। अल्लाह ने अपने दर्शन के प्रति क़ुरआन करीम में सूचना दी है ''कितने ही चहरे उस दिन तरो ताज़ा और प्रफुल्लित होंगे – अपने रब की ओर देख रहे होंगे। '' (सूरःअल-क़ियामाः 23),
दूसरी सबसे बडी खुशी की बात उसकी रजा अर्थात अल्‍लाह का यह कहना कि अब वो कभी जन्‍नतियों से नाराज नहीं होगा।
इन दो नेमतों के बाद जो कुछ मिलेगा उसका कोई खास महत्‍व नहीं रह जाता।
जन्नत स्वर्ग में जाने से पहले हमें जानना चाहिए की
judgment day
दुनिया की हर चीज़ को खत्म होना है। क़यामत  महाप्रलय को रब ये दुनिया खत्म करके हिसाब के लिए नई धरती और आकाश बनाएगा। वही रब जो हर कुछ कर सकता है हम सबको अच्छे बुरे कामों का हिसाब देने के लिए ज़िंदा करेगा। 
वो हमें मरते ही सज़ा में गधा,घोड़ा या पेड़ पोधे नहीं बनाता क्यूँके हमने कुछ अच्छे काम ऐसे किये हैं जिनसे हमारे मरने के बाद क़यामत तक पिछले लाभान्वित होंगे उसका लाभ भी हमें देगा। 

ईश्वर से अच्छे कार्यो के इनाम में मिले स्वर्ग अर्थात जन्नत बहुत ही शान्दार, ऐशो आराम की जगह है, स्वादिष्ठ वस्तुओं से भरी हुई जगह है, अत्यन्त सुख- शान्ति का स्थान है, जहां दुःख और कष्‍ट का नाम भी नहीं होगा। लगभग सभी का धर्म विश्वास है कि स्वर्ग में पुण्यवान लोगों को दिव्य सुख, समृद्धि तथा भोगविलास प्राप्त होते हैं। अधिकतर विद्वानों  के अनुसार इस्‍लाम में स्‍वर्ग अर्थात जन्‍नत में जो स्‍त्री साथी मिलेगी उसे हूर कहते हैं,  जबकि जाकिर नायक कुरआन के अनुवादक मुहम्‍मद असद के हूर का अर्थ spouse और युसुफ अली का companion अर्थात साथी, पार्टनर के अर्थ में करने के हवाले से बताते हैं कि हूर का अर्थ हैं चमकदार आंखों वाला अर्थात इस गुण के साथ मर्द और महिला दोनों के साथी को हूर कहते हैं, यानि महिला को जो साथी मिलेगा वो चमकदार आंखों वाला होगा, वहीं पुरूषों को चकमदार आंखों वाली साथी मिलेगी।
शब्द हूर, अहवार (एक आदमी के लिए) और हौरा (एक औरत के लिए) का बहुवचन है. इसका मतलब ऐसे इंसान से हैं जिसकी आँखों को "हवार" शब्द से संज्ञा दी गयी है. जिसका मतलब है ऐसी आंखे, जिसकी सफेदी अत्यधिक सफ़ेद और काला रंग अत्यधिक काला हो.

Meaning of HoorThe word hoor is actually the plural of ahwar (applicable to man) and of haura (applicable to woman) and signifies a person having eyes characterized by hauar a special quality bestowed upon a good soul, male or female in paradise and it denotes the intense whiteness of the white part of the spiritual eye.
http://www.ilovezakirnaik.com/misconceptions/b08.htm

शब्द हूर पवित्र कुरआन में चार बार आता है, जैसे कि यहां:
''और (वहां) ऐसे साथी होंगे जिनकी सुन्दर, बड़ी एवं शोभायमान (चमकदार) ऑंखें होंगी.''
Thus shall it be. And We shall pair them with companions pure, most beautiful of eye. (Quran:
56:22)




Reward
जन्‍नत में पुरूस्‍कार के रूप छिपी हुई आंखों की ताजगी  :

और कोई नहीं जानता है कि उनकी आँख की ताज़गी के लिए क्या छिपा हुआ है, जो कुछ अच्छे कार्य उन्होंने किये हैं यह उसका पुरस्कार है. (सुरा: अस-सज्दाह, 32:17)

स्वर्ग का आशीर्वाद महिलाओं और पुरुषों के लिए एक जैसा हैं. वहाँ दो लिंग के बीच एक छोटा सा भी अंतर नहीं है. यह कुरआन से स्पष्ट है:
     नीचे दी गयी आयत पर क़ुरआन अनुवादकों की खुशी झलकती है पुरष्कार के लिए great reward - mighty reward - vast reward -  immense reward - mighty wage शब्द इस्तेमाल किये हैं


 ''मुस्लिम पुरुष और मुस्लिम स्त्रियाँ, ईमानवाले पुरुष और ईमानवाली स्त्रियाँ, निष्ठा्पूर्वक आज्ञापालन करनेवाले पुरुष और निष्ठापूर्वक आज्ञापालन करनेवाली स्त्रियाँ, सत्यवादी पुरुष और सत्यवादी स्त्रियाँ, धैर्यवान पुरुष और धैर्य रखनेवाली स्त्रियाँ, विनम्रता दिखानेवाले पुरुष और विनम्रता दिखानेवाली स्त्रियाँ, सदक़ा (दान) देनेवाले पुरुष और सदक़ा देनेवाली स्त्रियाँ, रोज़ा रखनेवाले पुरुष और रोज़ा रखनेवाली स्त्रियाँ, अपने गुप्तांगों की रक्षा करनेवाले पुरुष और रक्षा करनेवाली स्त्रियाँ और अल्लाह को अधिक याद करनेवाले पुरुष और याद करनेवाली स्त्रियाँ - - इनके लिए अल्लाह ने क्षमा और बड़ा प्रतिदान तैयार कर रखा है.'' [सुर: अल-अहज़ाब, 33:35]
Indeed, the Muslim men and Muslim women, the believing men and believing women, the obedient men and obedient women, the truthful men and truthful women, the patient men and patient women, the humble men and humble women, the charitable men and charitable women, the fasting men and fasting women, the men who guard their private parts and the women who do so, and the men who remember Allah often and the women who do so - for them Allah has prepared forgiveness and a great reward. (35)

गिल्‍मा   menservants
वहां जो मिलेगा वह ईश्वर का अहसान होगा, हमारा हक नहीं. दूसरी बात वहां किसी वस्तु की आवशयकता इस धरती की तरह नहीं होगी, जन्नत में बहुत ज़्यादा ऐश-आराम उठाने की वस्तु होगी जिसका मानव इस दुनिया में कल्पना भी नहीं कर सकता है। पूर्व और वर्तमान में राज-शाही जिन्‍दगी जीने के लिए सेवकों का होना बेहद आवश्‍यक  है 
प्रधान मंत्री और राष्ट्रपति के दोनों पद आधुनिक युग में पिछले राजा बादशाहों ही जैसे हैं 
इन पदों पर महिला और पुरुष दोनों रह चुके उनके सेवकों पर नज़र डालें अधिकतर पुरुष सेवक दिखाई देंगे महिला सेवक ना होने के बराबर देखेंगे। बड़ी हस्तियों के सेवकों के लिए भर्ती में तंदरुस्ती एवं पर्सनाल्टी अनिवार्य होती है।
इस लिए जन्नतवासियों की सेवा के लिए गिल्‍मा अर्थात सेवक उपस्थित होंगे जो जन्नत वासियों की खूब सेवा करेंगे। ऐ प्‍याले लिए हुए जिसके पीने के बाद न कोई बेहूदगी होगी न गुनाह पर उभारने वाली बातें,जैसा कि अल्लाह ने  क़ुरआन में बयान फरमाया हैः
"There they pass from hand to hand a cup wherein is neither vanity nor cause of sin. And there go round, waiting on them menservants of their own, as they were hidden pearls."
और हम उन्हें मेवे और मांस, जिसकी वे इच्छा करेंगे दिए चले जाएँगे वे वहाँ आपस में प्याले हाथों हाथ ले रहे होंगे, जिसमें न कोई बेहूदगी होगी और न गुनाह पर उभारने वाली कोई बात,  और उनकी सेवा में सुरक्षित मोतियों के सदृश किशोर दौड़ते फिरते होंगे, जो ख़ास उन्हीं (की सेवा) के लिए होंगे (कुरआन 52:22-24)


क़ौम लूत को बुरी आदतों  Homo Gay  की वजह से अल्लाह ने (क़ुरआन  11 :77- 79) तबाह कर दिया। दुनिया में ऐसी ही दूसरी बुरी आदतों से बचनेे वालों को जन्नत नसीब होगी।
गिलमा आशक्त होंगे अर्थात महिलाओं को इन सेवकों से खतरा नहीं होगा दूसरी बात गिलमा सेवक मर्द जाती से होंगे इस मामले में भी महिलाओं के लिए गर्व की बात है

Alleged "72 virgins"
कुरआन में 72 हूरों का जिकर नहीं है,  अनुवाद में भी नहीं, हदीस की किताब सही बुखारी व सही मुस्लिम में भी नहीं, मुफस्सिर अबु इसा मुहम्‍मद व इब्‍ने खातिर ने कुरआन की नीचे दी गयी आयत के अनुवाद पर अपनी तफसीर (व्‍याख्‍या) में यह खयाल शुरू किया था
कुरआन की आयत यह है जिस में जन्‍नत के बाग, हूर, और दूसरी सुख सुविधायें बतायी जा रही है
''उन (अनुकम्पाओं) में निगाह बचाए रखनेवाली (सुन्दर) स्त्रियाँ होंगी, जिन्हें उनसे पहले न किसी मनुष्य ने हाथ लगाया और न किसी जिन्न ने फिर तुम दोनों अपने रब की अनुकम्पाओं में से किस-किस को झुठलाओगे?'' http://tanzil.net/#trans/hi.farooq/55:56


महिलाओं को जन्‍नत में क्‍या मिलेगा?
          ''मां के कदमों के नीचे जन्‍नत'' मशहूर हदीस है, इस हदीस के मुताबिक महिला पुरूष दोनों पर जन्‍नत में जाने के लिए मां की सेवा लाजिमी हो गयी,  जो चीज हो ही उनके पांव के नीचे फिर भी प्रश्‍न किया जाए कि उन्‍हें जन्‍नत में क्‍या मिलेगा, मां, बहन या बीवी से प्रश्‍न करके देखें क्‍या वो बता पायेंगी  कि जन्‍न्‍त में वो क्‍या चाहती हैं? बेशक नहीं बता पायेंगी, क्‍यूंकि अगर यह तफसील लिखी हो या फिर कोई कहे तो बेहयाई और बेशर्मी की बात होगी, कुरआन छोटे बडे सब पढते हैं, अकेले और इकटठे भी पढते हैं अगर औरतों को जन्‍नत में मिलने वाली बातों का जिकर आए तो शायद पढने सुनने वाले के लिए मुश्‍किल होती,,,इस लिए अल्‍लाह ने बहुत ही अच्‍छे तरीके से कुरआन में उनको तसल्‍ली दी है,  अल्‍लाह उनकी आवश्‍यकताओं को समझता है इसी लिए उसने दोनों लिंग वालों से विस्‍तार से कहा है कि
 ''........अल्लाह को अधिक याद करनेवाले पुरुष और याद करनेवाली स्त्रियाँ - - इनके लिए अल्लाह ने क्षमा और बड़ा प्रतिदान तैयार कर रखा है [कुरआन 33:35],'' 
 पवित्र पैग़म्बर मुहम्मद (स.) ने फ़रमाया कि,
"अल्लाह ने अपने मानने वालो के लिए ऐसा बदला तैयार किया है जो किसी आँख ने देखा नहीं और कान ने सुना नहीं है. यहाँ तक कि इंसान का दिल कल्पना भी नहीं कर सकता है." (सही बुखारी (Sahih Bukhari :Volume 9, Book 93, Number 589, (English 7498)
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 http://www.new-muslims.info/hin/इस्लाम-की-मूल-आस्था/जन्नत-और-जहन्नम/जन्नत-की-कुछ-नेमतों-की-कुछ/

https://ayesha5.wordpress.com/2009/09/29/the-concept-of-hoor/

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