Sunday, August 7, 2016

फिरओन की लाश और डाक्‍टर मोरिस बोकाय की रिसर्च Hindi


फिरओन  "Pharao"   नाम नहीं बल्कि मिस्र के बादशाहों की उपाधि common title है  ऐसे लगभग 14 फिरआेन अर्थात मिस्र के बादशाहों के नाम मिलते हैं रामेसेस महान के उन्नीसवे वंश का तीसरा फिरआन "Pharao" (Ramesses II)  की लाश पर फ्रांस के  इसाई डाक्‍टर मोरिस बोकाय की  रिसर्च के कारण लगातार चर्चा में बना हुआ है।  रिसर्च करके उन्‍होंने माना कि यह वही फिरओन है जिसकी कुरआन में भविष्‍यवाणी की गयी थी कि अल्‍लाह इसकी लाश इबरत (Warning) के लिए सलामत रखेगा

धर्म ग्रंथ के सच्‍चे होने की एक निशानी यह भी होती है कि उसमें कही गयी बातें देर सवेर किसी तरह सच साबित होती हैं जैसे की फिरऔन बादशाह की लाश और कुरआन पर हुई रिसर्च के बाद इसाई दुनिया में तहलका मच गया था, स्‍वयं रिसर्च करने वाला मुसलमान हुआ या नहीं इस बात में शक हो सकता है लेकिन उसके सच बोलना पसंद करने कारण लाखों इसाईयों को इस्‍लाम की तरफ आने का कारण बना इस बात में कोई शक नहीं, फ्रांस जहां कि आज मुसलमानों की जनसंख्‍या दूसरे नंबर है इस रिसर्च के बाद फिर इसी डाक्‍टर कि पुस्‍तक The Bible,The Qur'an & Science से भी इसाई दुनिया इस्‍लाम की ओर आकर्षित हुई थी । इस रिसर्च के बाद इसाई और यहूदियों ने फिरऔन के अंत को अपनी धार्मिक किताबों में बदलना शुरू कर दिया, झूठा इतिहास तैयार करने का सबूत टेंथ कमांडेट फिल्‍म में फिरऔन को डूबता नहीं बल्कि जंग से महल वापस जाता दिखाया गया है।


थोडे थोडे समय बाद कुरआन अपना ईश्‍वरीय कलाम होना साबित करता रहा है जैसे इस लेख में जानेंगे कि फिरऔन का जिस्‍म और रिसर्च करने वाले डाक्‍टर ने सच्‍चाई को समझ कर बाकी जिंदगी कुरआन की सच्‍चाई से दूसरों को अवगत कराने में बिता दी।
मोरिस बुकाय (बोकाइले, Maurice Bucaille)  (जन्म 1920) फ्रेंच चिकित्सक थे, पेरिस  के अस्पताल में सर्जिकल में विशेज्ञ के रूप में काम करते रहे। प्रतिष्ठा का सबसे बडा कारण पुस्तक "बाइबल कुरआन और विज्ञान" है जिसमें आपने यह साबित किया है कि कुरआन की कोई बात वैज्ञानिक दृष्टिकोण के खिलाफ नहीं है, जबकि बाइबल की कई बातें आधुनिक वैज्ञानिक तथ्यों से गलत साबित होती हैं । यह फ्रेंच किताब बहुत लोकप्रिय हुई और कई उर्दू, इंग्लिश सहित कई भाषाओं में अनुवाद किया गया। इस्लामी दुनिया में किताब बहुत लोकप्रिय हुई और इस रिसर्च को  "ब्यूकलीज़म" नाम दिया गया।
फिरऔन की लाश के बाल भी अलगअलग दिखायी देते हैं अगर यह ममी होती तो तमाम हिस्‍से पर मेंहदी की तरह हडिडयों को सलामत रखने वाला मसाला लगा होता। 

Firon Body In France
फ्रांस के बारे में यह प्रसिद्ध है कि वह पुरातत्व का सबसे अधिक सरपरस्‍ती करने वाला देश है, जिस समय फ्रांस का प्रधान मंत्री फरांसू मीटारान François Mitterrand 1981 में हुआ तो उसने मिस्र से मिस्र के फिरऔन की लाश मांगी ताकि उस पर कुछ चिकित्सा अनुमान Archaeological tests and examinations किया जाये, अतः फिरऔन की लाश फ्रांस लाई गयी और जिस समय यह लाश फ्रांस के हवाई अडडा पर विमान से उतरी तो फ्रांस के प्रधानमंत्री ने उसका इस प्रकार स्वागत किया कि लगता था फिरऔन जिवित है तथा अब भी चीख रहा है कि मैं तुम सबका सब से बडा पालनहार हूं।

अतः शव फ्रांस के पुरातत्व सेन्टर ले जायगा गया ताकि बडे बडे चिकित्सक उसके बारे में गवेषण (रिसर्च) करें तथा अस्त्र चिकित्सकों के प्रधान मोरिस बुकाय थे। गवेषणा में मोरिस बुकाय का ध्यान इस पर था कि यह पता लगाया जाये कि इस फिरऔन का देहांत कैसे हुआ है जबकि दूसरे लोग कुछ और ही गवेषणा कर रहे थे। जांच से पता चला कि यह अर्थात जिसका यह शव है वो रात के अन्तिम समय में (डूब)जलमग्न हो कर मरा है क्यों कि उसके शरीर पर कुछ समुन्द्री नमक का भाग बाकी था। साथ ही साथ यह भी पता चला कि उसकी लाश डूबने के कुछ ही समय बाद निकाली गयी है। परन्तु आश्चर्य की बात यह है कि दूसरी फिरऔनी लाशों के अलावा इसकी लाश केवल इस प्रकार सुरक्षित क्यों बाकी है जब कि सारी लाशें समुंद्र से निकाली गयी हैं?

Bucaille in Egypt 
Thanks: 
http://www.bucaillelegacy.com/Bucaille%20in%20Egypt.htmमोरिस बुकाय सारे गवेषणा (रिसर्च) की प्रतिवेदन (फाइनल रिपोर्ट) लिख रहे थे कि अचानक एक आदमी ने उनके कान में चुपके से कहा कि जल्दी न करो मुसलमान लोगों का कहना है कि वह जलमग्न होकर मरा है। परन्तु मोरिस ने इस सूचना को बिल्कुल नकार दिया तथा आश्चर्य में पड गए कि इस प्रकार का ज्ञान बडी मशीनों से गवेषणा (रिसर्च) करने के बाद ही हो सकता है। फिर उसी आदमी ने कहा कि वह कुरआन जिस पर मुसलमान विश्वास करते हैं उसमें इसके जलमग्न होने तथा इसकी लाश के सुरक्षित रहने का वर्णन आया है। इस से उनका आश्चर्य और ही बढ गया तथा लोगों से पूछने लगे कि यह कैसे हो सकता है? जबकि इस लाश का गवेषणा लगभग दो वर्ष पहले 1898 में हुआ है जबकि उनका कुरआन 1400 सौ सालों पहले से है। यह बात बु़द्धि‍ में कैसे आ सकती है? जब कि केवल अरब ही नहीं बल्कि सारे के सारे मनुष्य कुछ वर्ष पहले मिस्र के पुराने लोग अपने फिरऔनों पर मसाला लगाना जानते हैं। 

मोरिस बुकाय पूरी रात बैठ कर ध्यान पूर्वक अपने मित्र की बात को सोचते रहे कि मुसलमानों के कुरआन में डूबने के बाद इस लाश के बचने का वर्णन आया है। जबकि तौरात में यह है कि फिरऔन उस समय डूबा है जब मूसा को भाग रहा था और इस में उसकी लाश के बारे में कोई चर्चा नहीं है।  अतः मोरिस अपने दिल में कहने लगे कि क्या यह बात बुद्धि में आने वाली है कि यह मेरे सामने जो लाश है यह वही मिस्र का फिरऔन है जिसने मूसा को भगाया है? तथा क्या यह बात बुद्धि में आने वाली है कि मुसलमानों का मुहम्मद सल्‍ल. यह बात एक हजार वर्ष से अधिक पहले जान जाये? और मैं अब जान पाया हूं।

मोरिस सो न सके तथा तौरात मंगाया। और तौरात में पाया कि जल ने फिरऔन की सारी सेना को लपेट लिया और उनमें से कोई न बचा। परन्तु मोरिस को बराबर आश्चर्य रहा कि पूरे तौरात में कहीं भी इसकी लाश के ठीक ठाक बच जाने का वर्णन नहीं मिलता है।
फिरऔन की लाश को चिकित्सा एवं सुधार के बाद फ्रांस ने फिरऔन के वैभव के अनुसार शीशे के ताबूत में भेज दिया। परन्तु मोरिस को उस बात के कारण जो उन्होंने फिरऔन की लाश के बारे में मुसलमानों की ओर से सुना था चैन न आया। इसी कारण सफर की तैयारी करके सउदी अरब में एक चिकित्सा महान सम्मेलन में भाग लेने के लिये गये जिस में बहुत से मुसलमान शव परीक्षा करने वाले भी भग ले रहे थे। वहां पर सबसे पहले मोरिस ने फिरऔन की शव के बारे में जो खोज लगाया था उसी का चर्चा किया। तुरंत एक मुसलमान ने कुरआन खोल कर ईश्वरीय वाणी दिखायाः

 "अतः आज हम तेरे शरीर को बचा लेगें, ताकि तू अपने बादवालों के लिए एक निशानी हो जाए। निश्‍चय ही, बहुत-से लोग हमारी निशानियों के प्रति असावधान ही रहते है।"॥ (कुरआन-10:92)  सुरह यूनुस
So today We will save you in body that you may be to those who succeed you a sign. And indeed, many among the people, of Our signs, are heedless (Quran-10:92)
 कुरआन की इस आयत का मोरिस पर बहुत बडा प्रभाव पडा तथा दिल में इस प्रकार आवेश पैदा हुआ कि सारे लोगों के सामने खडे होकर निसंकोच हो कर घोषणा कर दिया कि मैं ने इस्लाम धर्म स्वीकार कर लिया तथा इस कुरआन पर विश्वास कर लिया।
मोरिस फ्रांस से वापस आये तथा लगभग दस वर्ष तक बिना किसी दूसरे कार्य के इस रिसर्च में लग गये कि आज के समय के नए वैज्ञानिक सिद्धांत एवं अनुसाधान कुरआन से कितना मेल खाते हैं। ताकि कुरआन की इस आयत का परिणाम उन्हें मिल सके।
 अब ये अत्याचारी जो कुछ कर रहे है, उससे अल्लाह को असावधान न समझो। वह तो इन्हें बस उस दिन तक के लिए टाल रहा है जबकि आँखे फटी की फटी रह जाएँगी, (Quran - 14:42)
कुछ ही वर्षों के बाद मोरिस ने फ्रांस में कुरआन के बारे में एक पुस्तक लिखी जिस से पूरी पश्चमी देश तथा पश्चीमी वैज्ञानिकों को हिला दिया। इस पुस्तक का नाम था ‘‘कुरआन, तौरात, इन्जील एवं ज्ञान नयी मर्म के अनुसार पवित्र पुस्तकों पर गवेषणा -कुरआन और नया चैलेंज-- 
The Bible, The Qur’an and Science… THE HOLY SCRIPTURES EXAMINED IN THE LIGHT
OF MODERN KNOWLEDGE
इस पुस्तक ने क्या किया? जैसे ही पहली बार छपी सारी दुकानों से तुरंत समाप्त हो गयी। फिर फ्रांसिसी भाषा से अरबी, इंग्लिश, इन्डोनेसी, फारसी, तुर्की, उर्दू, गुजराती, अलमानी आदि भाषा में अनुवाद होकर पुनः छापी गयी ताकि पूरब से पश्चिम तक सारे पुस्तकालय में उपलब्ध हो जाये।

यहां यह बात भी याद रहे कि मोरिस की इस पुस्तक पर यहूदी और इसाई धर्म के सारे वैज्ञानिकों ने खण्डन करने तथा उत्तर देने के प्रयास किया परन्तु किसी ने भी कोई ढंग की पुस्तक न लिखी दाये बायें बहुत चक्कर लगाया परन्तु कोई विशेष बात न लिख सके।

इस से आश्चर्य की बात यह है कि अरब इलाके के कुछ इसाई एवं यहूदी वैज्ञानिक ने भी खण्डन करने का प्रयास किया परन्तु जब मोरिस की पुस्तक को ध्यान पूर्वक पढने लगे तो मुसलमान हो गये।

Useful links:>>


डाक्‍टर मोरिस कहते थे "my choice is to tell the truth"
अर्थात मैं सच कहना पसंद करता हूं उनके काम पर आधारित वेबसाइट
http://bucaillelegacy.com/Maurice%20and%20the%20Pharaoh%20&From%20Microcosm%20to%20Macrocosm%20Award.html

 Read More: 
THE QUR’AN AND MODERN SCIENCE
Dr. Maurice Bucaille and other Scientists' Comments On The Qur'an
http://www.islamic-awareness.org/Quran/Science/scientists.html


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 Firon Body in Egypt Museum
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फिरओन और उस पर डाक्‍टर मोरिस की रिसर्च बारे में समझने के लिए देखें विडिया
https://www.youtube.com/watch?time_continue=202&v=XnwCWDX-stk



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"शीघ्र ही हम उन्हें अपनी निशानियाँ वाह्य क्षेत्रों में दिखाएँगे और स्वयं उनके अपने भीतर भी, यहाँ तक कि उनपर स्पष्ट हो जाएगा कि वह (क़ुरआन) सत्य है। क्या तुम्हारा रब इस दृष्टि, से काफ़ी नहीं कि वह हर चीज़ पर क़ाबू रखता है" (कुरआन-41:53)  http://tanzil.net/#trans/hi.farooq/41:53
उपरोक्‍त कुरआन की बात को जेहन में रखते हुए
फिंगर प्रिंट, कायनात, लोहा, आसमान ,बारिश, बच्‍चो का लिंग और कुरआन में गण्‍ितिय चमत्‍कार आदि विषयों को समझने के लिए देखें लगभग एक घंटे का विडियो
कुरआन के वैज्ञानिक चमत्कार  Scientific Miracles of Qur'an
https://www.youtube.com/watch?v=HOwPnfIDJcE


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